Ziyarat E Nahiya In Hindi Jun 2026

मौलाना सादिक़ ने एक गहरी साँस ली, उनकी आँखों में आँसू छलक आए। उन्होंने एक पुरानी किताब निकाली और कहा, "बेटा अली, अगर तुम्हें कर्बला को उस शख़्स की नज़र से देखना है जो आज भी उस दर्द में जीता है, तो तुम्हें 'ज़ियारत-ए-नाहिया'

The word Ziyarat means "visiting" or "greeting," often referring to the visitation of holy shrines. Nahiya al-Muqaddasa literally translates to the or "Sacred Area," a term used during the Minor Occultation to refer to the 12th Imam. Unlike other Ziyarats, this one serves as a comprehensive eyewitness-style account—relayed through divine knowledge—of the martyrdom of Imam Hussain (as). Key Themes and Structure ziyarat e nahiya in hindi

ज़ियारत-ए-नाहिया की शुरुआत 10वीं शताब्दी में हुई थी, जब शिया मुसलमानों ने इमाम हुसैन के मकबरे पर जाकर तीर्थयात्रा करना शुरू किया था। यह यात्रा कर्बला, इराक में स्थित है और शिया मुसलमानों के लिए बहुत पवित्र मानी जाती है। ज़ियारत-ए-नाहिया के दौरान, श्रद्धालु इमाम हुसैन के मकबरे पर जाकर प्रार्थना करते हैं और उनके शहीदी की याद में शोक मनाते हैं। व अना आरीफु बिलवफा

इमाम बयान करते हैं कि जब ज़ालिमों ने इमाम हुसैन (अ.स.) को चारों तरफ़ से घेर लिया था, जब उनके जिस्म पर तीरों की बारिश हो रही थी और वह घोड़े की जीन से ज़मीन पर आ रहे थे, तो उस वक़्त का मंज़र कितना भयानक था! इमाम महदी (अ.स.) कहते हैं कि हुसैन (अ.स.) के जिस्म को घोड़ों की टापों से रौंदा गया।" ziyarat e nahiya in hindi

अल्लाहुम्म इननी अना ज़ाइलुक, फअ्ज़ल ज़ियाराती, व अना आरीफु बिलवफा, लिय वलातुक।